उज्जैन में बन रहे आईटी पार्क में कंपनियों के लिए 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आरक्षित किया गया है। दो चरणों में बन रही इस परियोजना से आने वाले वर्षों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुड़ने के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईटी पार्क के निर्माण का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए सभी निर्माण कार्य तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
खास बातें
- आईटी पार्क का प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 15,480 वर्गमीटर
- आईटी कंपनियों के लिए 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आरक्षित
- पीएम एकता मॉल और महाकाल भक्त निवास की प्रगति भी देखी
2.16 हेक्टेयर में विकसित होगा आईटी पार्क
परियोजना के लिए करीब 2.16 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसका कुल प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 15,480 वर्गमीटर है, जिसमें से बड़ा हिस्सा आईटी कंपनियों के लिए रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और उभरती तकनीकों तक पहुंच देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके अनुसार आईटी क्षेत्र का विस्तार प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा दे सकता है।
इंदौर-उज्जैन को महानगरीय स्वरूप देने की योजना
राज्य सरकार इंदौर और उज्जैन को महानगरीय शहरों के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न कार्य करा रही है। इनका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी नवाचार, औद्योगिक विस्तार और आधुनिक अधोसंरचना को प्रोत्साहित करना है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से बन रहे पीएम एकता मॉल और महाकाल भक्त निवास की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने दोनों परियोजनाओं का काम तेज करने को कहा और महामृत्युंजय द्वार के निर्माण संबंधी विशेषताओं की जानकारी ली। सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए उज्जैन के आवश्यक विकास कार्यों में भी तेजी लाने की बात कही गई।



