प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही कल्याणकारी योजनाएं किस प्रकार देश के आम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, इसकी एक बेहतरीन मिसाल ग्वालियर जिले की ग्राम पंचायत रौरा के किसान भोलाराम कुशवाहा (भोगीराम कुशवाहा) की कहानी है। 'खेत तालाब योजना' ने उनकी बंजर या कम सिंचित होती भूमि को लहलहाते खेतों में बदल दिया है, जिससे उनकी आमदनी और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। किसान भोलाराम बताते हैं कि उनके पास खेती की जमीन तो थी, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न होने के कारण वे साल भर में केवल एक ही फसल (सिंगल खेती) ले पाते थे। पानी के अभाव में उन्हें हर साल फसल की पैदावार को लेकर भारी अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी आर्थिक उन्नति रुक गई थी।

सरकार की महत्वाकांक्षी 'खेत तालाब योजना' के तहत भोलाराम के खेत में तालाब का निर्माण कराया गया। इस तालाब के खुदने से उनके खेत में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई। भू-जल स्तर सुधरने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से उनकी खेती की तस्वीर ही बदल गई। आज भोलाराम अपने खेत में पहले की तुलना में दोगुना लाभ कमा रहे हैं। जहाँ पहले वे साल में सिर्फ एक फसल उगा पाते थे, वहीं अब वे आसानी से दो फसलें (डबल खेती) ले रहे हैं। उनकी फसलें अब बेहतर तरीके से पक रही हैं और पैदावार में भी काफी सुधार हुआ है। अपनी इस सफलता से गदगद किसान भोलाराम कुशवाहा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से धन्यवाद किया है। उनका मानना है कि खेत तालाब योजना ने उनके जैसे छोटे किसानों की तकदीर बदल दी है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। रोरा पंचायत के अन्य किसानों के लिए भी भोलाराम की यह सफलता एक प्रेरणा बन गई है।