कटनी (01 अक्टूबर) - मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार गुरुवार को अध्यक्ष, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जीतेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन में ढ़ीमरखेड़ा न्यायालय की न्यायाधीश श्री पूर्वी तिवारी द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित पक्षकारों को बंधुआ मजदूरी तथा बाल श्रम के माध्यम से होने वाले शोषण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
उन्हें बताया गया कि बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम जैसी प्रथाएं कानूनन प्रतिबंधित हैं तथा इनके प्रति जागरूकता आवश्यक है। न्यायाधीश श्री तिवारी ने उपस्थित लोगों को अपने आसपास भी ऐसे मामलों के प्रति सजग रहने और लोगों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के माध्यम से लोगों को श्रमिकों एवं बच्चों के शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री राजेश प्यासी, श्री अवधेश असाटी, नायब नाजिर श्री शक्ति संजय सिंह एवं श्री शिवम उपाध्याय सहित पक्षकार उपस्थित रहे।





