एक पक्की छत सिर्फ ईंट-पत्थर से नहीं बनती, वह भविष्य की नींव भी रखती है। सिंधुबाज से बेहतर भला इसे कौन समझ सकता है। कभी बरसात की हर रात सिंधबाज के परिवार के लिए डर लेकर आती थी, वजह थी जिस कच्ची झोपड़ी में उनका परिवार रहता था वह टपकती थी। पर अब हालात बदल गए हैं। सिंधबाज के परिवार के लिए बारिश अब डर नहीं, केवल खुशनुमा मौसम है।
"सेवा–संकल्प अभियान" की भावना के अनुरूप सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन मन आवास योजना के तहत बनवाये गए पक्के घर में सिंधबाज परिवार सहित रहते हैं। साथ ही यहीं से अपनी साउण्ड सिस्टम की दुकान भी चलाते हैं। ग्वालियर जिले की मुरार जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत हस्तिनापुर के निवासी सिंधबाज अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखते है। उनका पक्के घर का सपना लंबे समय तक सपना ही बना रहा।
मजदूरी ही परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा थी। जितना कमाते वह परिवार के भरण पोषण में खर्च हो जाता।
इसी बीच प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान) शुरू की। यहीं से सिंधबाज के दिन फिर गए। इसी योजना के तहत सिंधबाज का आवास स्वीकृत हो गया। सरकार से मिली 2 लाख रुपये की सहायता राशि से उनका शौचालय सहित पक्का मकान बन गया है। अब बारिश उनके परिवार के लिए डर नहीं, केवल मौसम है।
अपने जीवन में आए बदलाव के लिए सिंधबाज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताते हैं। उनका कहना है कि सुरक्षित घर मिलने के बाद अब वे पूरे भरोसे के साथ अपने रोजगार को बढ़ाने और बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे हैं।
पक्का घर बनने के बाद मरम्मत का खर्च खत्म हुआ और वही पैसा परिवार की जरूरतों पर लगने लगा। सिंधबाज ने अपने संसाधनों से साउण्ड सिस्टम की दुकान शुरू की। अब उन्हें काम की तलाश में गांव से बाहर भटकना नहीं पड़ता और वे परिवार को ज्यादा समय भी दे पाते हैं। उनकी पत्नी रतनगढ़ माता आजीविका समूह से जुड़कर काम कर रही हैं। दोनों की कमाई से घर की आमदनी बढ़ी है और बच्चों की बेहतर शिक्षा का रास्ता खुला है।
आवास के साथ सिंधबाज के परिवार को उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बिजली, नल कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड, सुकन्या योजना, आहार अनुदान, अंत्योदय राशन कार्ड और भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल कार्ड का लाभ भी मिला है। इन योजनाओं ने परिवार की आर्थिक-सामाजिक स्थिति बदली और गांव में उनका मान-सम्मान भी बढ़ा। सिंधबाज के लिए यह घर केवल ईंट-पत्थर की दीवारें नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव है। वर्तमान में चल रहे "सेवा–संकल्प अभियान" के माध्यम से ऐसे ही जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनके जीवन में आए बदलावों को सामने लाने का प्रयास सरकार द्वारा किया जा रहा है।




