नरसिंहगढ़ में नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों के पुराने आवेदनों को अब प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि कोई भी प्रकरण बिना कारण छह महीने से अधिक लंबित न रहे।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत संभाग आयुक्त ने संयुक्त भवन स्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदार कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने नायब तहसीलदार और एसडीएम राजस्व न्यायालय में प्रकरणों की स्थिति तथा तय समय-सीमा की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे।

खास बातें

  • एक-दो वर्ष पुराने राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता मिलेगी
  • लंबित अपीलों के निराकरण के लिए दो माह की समय-सीमा
  • कागजी और डिजिटल राजस्व रिकॉर्ड में अंतर नहीं रखने के निर्देश

कागजी और डिजिटल रिकॉर्ड एक जैसे रखने के निर्देश

राजस्व अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन की समीक्षा में संभाग आयुक्त ने कागजी और डिजिटल रिकॉर्ड के बीच किसी भी अंतर को दूर रखने को कहा। रिकॉर्ड को सही और अद्यतन बनाए रखने के साथ स्वामित्व योजना के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।

अर्जन और भू-अर्जन से जुड़े लंबित मामलों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। एसडीएम राजस्व न्यायालय में लंबित अपीलों को दो महीने के भीतर निपटाने तथा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।

पटवारियों के काम की रोजाना समीक्षा होगी

तहसीलदारों से कहा गया है कि वे प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पटवारियों से कार्यों की जानकारी लें। राजस्व कामकाज की नियमित निगरानी कर लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

आपस में जुड़े कार्यालयों को संभव होने पर संयुक्त भवन में संचालित करने का सुझाव भी दिया गया, ताकि लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने संयुक्त कार्यालय भवन परिसर में पौधरोपण किया।

अधूरे पंचायत निर्माण कार्यों का होगा सत्यापन

संभाग आयुक्त ने जनपद पंचायत नरसिंहगढ़ की शाखाओं का निरीक्षण कर पेंशन, संबल योजना, विकसित भारत-जनमन/वीबी-जी रामजी योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति जानी। ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों का इंजीनियरिंग टीम से नियमित सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए।

अधूरे निर्माण मिलने पर नियमानुसार पंचायत से वसूली और संबंधित सरपंच को पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई का नोटिस देने को कहा गया। अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने और विकास कार्यों की गुणवत्ता तथा प्रगति की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए।