मंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ही सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। लोगों ने सवाल किया कि जब सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से पैसे क्यों दिए जाएं।

कुछ लोगों ने इसे रिश्वत को सामान्य बनाने वाला बयान बताया और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, भाजपा MLC सीटी रवि ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार रिश्वत की शिकायत करने की बात कहती है जबकि उसके मंत्री ही अधिकारियों को पैसे देने की बात कर रहे हैं।

मंत्री शिवलिंगेगौड़ा के बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने इसका विरोध किया। जन शिकायत कार्यक्रम में विवाद

मंत्री शिवलिंगेगौड़ा शनिवार को हासन जिले के ‘प्रजासेवा आंदोलन’ कार्यक्रम में मौजूद थे। अलूर तालुक के किसान पुनीत ने जमीन से जुड़ी शिकायत रखते हुए पूछा कि जब सरकारी अधिकारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से ‘टिप’ क्यों दी जाए। इसके बाद कई लोग उनके समर्थन में आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

विवाद बढ़ने पर मंत्री ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उनका कहना था कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी अधिकारी को लोगों से पैसे मांगने का अधिकार नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वह रिश्वत देने या लेने का समर्थन नहीं करते।

मामला बढ़ने पर हासन की डिप्टी कमिश्नर केएस लता कुमारी ने भी हस्तक्षेप कर लोगों को शांत कराया।

भाजपा ने मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने सवाल उठाया कि जब सरकार रिश्वत के खिलाफ है, तो मंत्री अधिकारियों को ‘सम्मान’ के नाम पर पैसे देने की बात क्यों कर रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें अधिकारियों के रिश्वत मांगने पर शिकायत करने की बात कही गई थी।

कर्नाटक- कांग्रेस विधायक की भतीजी को बिना काम ₹70 हजार सैलरी, 6 महीने से सरकारी क्लीनिक नहीं गईं

कर्नाटक के बागलकोट में सरकारी क्लीनिक की मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंकिता यरगल पर नौकरी के साथ निजी मेडिकल कॉलेज से फुल टाइम पढ़ाई करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने करीब 6 महीने तक नम्मा क्लीनिक में ड्यूटी नहीं की, फिर भी उन्हें हर महीने 70 हजार रुपए से ज्यादा सैलरी मिलती रही। पूरी खबर पढ़ें…

मुख्य बातें

  • मंत्री के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ही सवाल उठाए।
  • सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया।
  • लोगों ने सवाल किया कि जब सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलता है, तो उन्हें अलग से पैसे क्यों दिए जाएं।

स्रोत और संदर्भ

  1. दैनिक भास्कर · कर्नाटक के मंत्री बोले- अधिकारियों को खुशी से टिप दें:जनता ने पूछा- सैलरी के बाद रिश्वत क्यों; BJP बोली- मंत्री ही रिश्वत को सही ठहरा रहे ↗21 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।

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