सागर जिले के बंडा में हुई घटना के बाद अब ग्रामीण इलाकों में शराब दुकानों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसी क्रम में बीना के बारधा गांव में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं शराब दुकान के सामने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और लोगों ने दुकान में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने हजारों शराब की बोतलें तोड़ दीं और दुकान में लगे सुरक्षा कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
सूचना मिलते ही एसडीओपी अजय कुमार सनकत और थाना प्रभारी अनूप यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;} .loading_display{display: flex;}.loading_screen_metering{width: 100%; display: flex; justify-content: center;align-items: center;} svg.loader{width: 36px; height: 36px; display:inline-block;} विज्ञापन var middle_ad = false;var middle_ad_id = document.getElementById('middle_ad'); window.addEventListener('scroll', function() { if($(window).scrollTop() >10 && !middle_ad){ middle_ad_id.setAttribute('id','div-gpt-ad-1712834417081-16');middle_ad = true; if(typeof is_premium_user == 'undefined' || is_premium_user == null || is_premium_user==0 && typeof is_mobile !='undefined' && is_mobile()){googletag.cmd.push(function() { googletag.display('div-gpt-ad-1712834417081-16'); });}}}); प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना है कि गांव के बीच शराब की दुकान संचालित होने से आए दिन घरों में कलह और विवाद की स्थिति बनती है।
उनका आरोप है कि शराब के नशे में पति और युवकों के उत्पात से पारिवारिक माहौल खराब हो रहा है, जिसका बच्चों के भविष्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीण लंबे समय से शराब की दुकान हटाने की मांग कर रहे थे।
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मैनेजर के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने करीब 20 से 25 लाख रुपये की शराब नष्ट कर दी और दुकान में रखे 40 से 45 हजार रुपये नकद भी ले गए। राहुल सेन ने आरोप लगाया कि गांव के सरपंच राम नरेश सिंह राजपूत ने दुकान संचालित करने के एवज में एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
मांग पूरी नहीं होने पर सरपंच ने ग्रामीणों को उकसाकर तोड़फोड़ कराई। दूसरी ओर, सरपंच राम नरेश सिंह राजपूत ने मैनेजर के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया है। सरपंच का कहना है कि ग्रामीणों का गुस्सा स्वतःस्फूर्त था और तोड़फोड़ की घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
- सागर जिले के बंडा में हुई घटना के बाद अब ग्रामीण इलाकों में शराब दुकानों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
- इसी क्रम में बीना के बारधा गांव में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं शराब दुकान के सामने पहुं…
- देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और लोगों ने दुकान में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
स्रोत और संदर्भ
- अमर उजाला · सागर: शराब दुकान देखते ही भड़के ग्रामीण, घुसे अंदर और हजारों बोतलें तोड़ डालीं; जमकर मचा हंगामा ↗21 सितंबर 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।



